shiv tandav stotram lyrics in hindi,रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र

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प्यारे दोस्तों आज हम आपको यहां पर रावण रचित शिव तांडव स्त्रोतम के बारे में बताने जा रहे हैं उसके साथ साथ हम आपको Shiv Tandav Lyrics सभी भाषाओं में नीचे देने जा रहे हैं जिससे आप सभी भाषाओं में रावण रचित शिव तांडव को अपनी भाषा में पढ़ सकें और अगर आप इसे याद करना चाहते हैं तो आप इसे आसानी से अपनी भाषा में याद कर सकते हैं और इसके साथ-साथ इसे गाने का तरीका भी हम आपको यहां पर बताएंगे जिससे आप आसानी से इसे याद करके गा भी सकते हैं|

what is shiva tandav strotam?

शिव तांडव स्त्रोत तम रावण द्वारा रचित है इसलिए इसे रावण तांडव स्त्रोतम के नाम से भी विख्यात माना जाता है रावण ने इसकी रचना संस्कृत में की है जिसमें 17 सालों को मैं श्री भगवान शिव की स्तुति का वर्णन किया गया है जब रावण ने अहंकार बस भगवान शिव की कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया था तब भगवान शिव द्वारा अपने अंगूठे से ही पर्वत को नीचे दबाकर उसे स्थिर कर लिया था जिससे रावण का हाथ पर्वत के नीचे ही दबा रह गया था|

उस समय रावण ने भगवान शिव की स्तुति की थी और वहां पर रावण द्वारा शिव तांडव स्त्रोतम की स्तुति हुई थी इसलिए रावण शिव तांडव स्त्रोतम भगवान शिव के लिए अत्यधिक प्रिय माना जाता है इस पाठ को करने से भगवान से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं यह स्रोत बहुत ही चमत्कारी और लाभकारी माना जाता है|

Benefits of Shiv Tandav Stotram

  • नियमित तौर पर शिव तांडव स्त्रोत का बखान करने से भगवान शिव अधिक प्रसन्न होते हैं जिससे धन-संपत्ति की कमी नहीं रहती है|
  • शिव तांडव की स्तुति करने पर उसे करने वाले व्यक्ति को मनोवांछित फल मिलता है|
  • भगवान शिव सभी सिद्धियों को पूर्ण करते हैं इसलिए जो भी व्यक्ति शिव तांडव का जाप करता है उसे सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है|
  • सभी व्यक्तियों के रोग समस्याएं पीड़ा भगवान अति शीघ्र हर लेते हैं जो भी व्यक्ति शिव तांडव स्त्रोत तम का जाप करते हैं|
  • जिन लोगों की कुंडली में सर्प योग या कोई दोस्त या पित्र दोष लगा होता है ऐसे लोग शिव तांडव का जाप करने से अत्यधिक लाभ मिलता है|
  • भगवान शिव के शिव तांडव के नियमित जाप करने से वाणी की सिद्धि की जा सकती है|
  • नियमित तौर पर शिव तांडव स्त्रोत पाठ करने से चेहरा तेज में और प्रभावशाली हो जाता है|

Shiv Tandav Stotram Lyrics In Hindi

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्यलम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्‌।

डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिवो शिवम्‌ ॥१॥

जटाकटाहसंभ्रमभ्रमन्निलिंपनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि।

धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥२॥

धराधरेंद्रनंदिनी विलासबन्धुबन्धुरस्फुरद्दिगंतसंतति प्रमोद मानमानसे।

कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्विगम्बरे मनोविनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥

जटाभुजंगपिंगलस्फुरत्फणामणिप्रभा कदंबकुंकुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे।

मदांधसिंधुरस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे मनोविनोदद्भुतं बिंभर्तुभूतभर्तरि ॥४॥

सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर प्रसूनधूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः।

भुजंगराजमालयानिबद्धजाटजूटकः श्रियैचिरायजायतां चकोरबंधुशेखरः ॥५॥

ललाटचत्वरज्वलद्धनंजयस्फुलिङ्गभा निपीतपंचसायकंनमन्निलिंपनायकम्‌।

सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं महाकपालिसंपदे शिरोजटालमस्तुनः ॥६॥

करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वलद्धनंजया धरीकृतप्रचंडपंचसायके।

धराधरेंद्रनंदिनीकुचाग्रचित्रपत्रकप्रकल्पनैकशिल्पिनी त्रिलोचनेरतिर्मम ॥७॥

नवीनमेघमंडलीनिरुद्धदुर्धरस्फुरत्कुहुनिशीथनीतमः प्रबद्धबद्धकन्धरः।

निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिंधुरः कलानिधानबंधुरः श्रियं जगंद्धुरंधरः ॥८॥

प्रफुल्लनीलपंकजप्रपंचकालिमप्रभा विडंबि कंठकंध रारुचि प्रबंधकंधरम्‌।

स्मरच्छिदं पुरच्छिंद भवच्छिदं मखच्छिदं गजच्छिदांधकच्छिदं तमंतकच्छिदं भजे ॥९॥

अखर्वसर्वमंगला कलाकदम्बमंजरी रसप्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम्‌।

स्मरांतकं पुरातकं भावंतकं मखांतकं गजांतकांधकांतकं तमंतकांतकं भजे ॥१०॥

जयत्वदभ्रविभ्रमभ्रमद्भुजंगमस्फुरद्धगद्धगद्विनिर्गमत्कराल भाल हव्यवाट्।

धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदंगतुंगमंगलध्वनिक्रमप्रवर्तित: प्रचण्ड ताण्डवः शिवः ॥११॥

दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजंगमौक्तिकमस्रजोर्गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः।

तृणारविंदचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः समं प्रवर्तयन्मनः कदा सदाशिवं भजे ॥१२॥

कदा निलिंपनिर्झरी निकुञ्जकोटरे वसन्‌ विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमंजलिं वहन्‌।

विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः शिवेति मंत्रमुच्चरन्‌ कदा सुखी भवाम्यहम्‌ ॥१३॥

निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः।

तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं परिश्रय परं पदं तदंगजत्विषां चयः ॥१४॥

प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना

विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम्‌ ॥१५॥

इमं हि नित्यमेव मुक्तमुक्तमोत्तम स्तवं पठन्स्मरन्‌ ब्रुवन्नरो विशुद्धमेति संततम्‌।

हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथागतिं विमोहनं हि देहनां सुशंकरस्य चिंतनम् ॥१६॥

पूजाऽवसानसमये दशवक्रत्रगीतं यः शम्भूपूजनपरम् पठति प्रदोषे।

तस्य स्थिरां रथगजेंद्रतुरंगयुक्तां लक्ष्मी सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥१७॥

शिव तांडव स्त्रोत

Shiv Tandav Lyrics In English

Jatavigalajalpravapavitasle throat,valambylambitan bhujangtungamalikam.

Dumddamdmadmanninadvaddamrvyam chakarchandtandavam tanotu nah shivo shivam 1॥

Jatakatahdelusiondelusionnilimpanirjhari vilolavichivalli sarajamanmurdhani.

dhagaddhagadgajjavallallatpattapavke kishorechandrashekhre ratih pratikshanam mam 2॥

Dharadharendranandini Vilasbandhubandhubandhusfuradigantasanti Pramod Manmanse.

Kripakatakshadhoraninirudhadurdharapadi kwachidvigambre manovinodmetu vaastani 3॥

JatabhujangPingalSphuratphanmaniprabha Kadambakunkumdravpraliptadigvadhumukhe.

Madandhasindhursphuratvaguttriyamedure manovinoddabhutam bimbhartubhutbhartri 4॥

SahasralochanprabhrityaSeshlekhShekhar Prasoondhulidhorani Vidhusaranghripeethbhuh.

Bhujangarajamalayanibdjatjutakah sriyachirayajayatam chakorbandhushekhar: 5॥

Lalachattvarjwalinjayasfulingabha nipeethapanchasayakanmannilimpanayakam.

Sudhamayuklekhaya Virajmanasekharam Mahakapalisampade Shirojatalamastunah 6॥

Karalbhaalpattikaaddhigaddhagajjwalinjaya dharikritprachandapanchasayke.

Dharadharendranandinikuchagrachitrapatrakaprakalpanaikshilpini trilochaneratirmam 7॥

Naveenmeghamandaliniruddhadurdhasfurtkuhunishithneetamh prabdhabandhakandharah.

nilimpa nirjharidharastanotu krittisindhurah kalanidhanbandhurah sriyam jagandhurandharah 8॥

Prafullanilpankajprapanchkalimprabha Ironically, raruchi manbandharam.

smarachhindam purachhind bhavachhindam makhachhindam gajachchidandhakachhindam tamantakchhindam bhaje 9॥

Akharvasarvamangala Kalakadambamanjari Rasprava Madhuri Vijrumbhana Madhuvratam.

Smrantakam Puratakam Bhavantakam Makhantakam Gajantkandhakantakm Tamantakantam Bhaje 10॥

Jayatvadabhradelichuambhudbhujangamsfurddhagadvinimatkaral bhal havyavat.

Dhimiddhimidhimidhvanmridangtungamangaldhvanikrampratita: Prachanda Tandavah Shiva: 11॥

Drishdvichitratlapyorbhujangamouktikamasrajorgarishratnaloshthyoh suhridvipakshapaksyoh.

Trinarvindchakshushoh prajamahimahendrayoh sam pravartayanmanah sometimes sadashiv bhaje 12॥

Sometimes nilimpa nirjhari nikunjakotare vasan vimuktdurmatih always shirasthamanjalim vahan.

Vimuktolollochno lalambhallagnak: shiveti mantramuchharan kada sukhi bhavamayam 13॥

Nilimpa nathanagari kadamba maulamalika-nigumphnirbhaksharanam dhushnikamanoharah.

Tanotu no manomudam vinodinimahanisham parishraya param padam tadangjatvishan chayah 14॥

Prachanda Vadavanal Prabhashubhpracharani Mahashtasiddhikamini Janavahoot Jalpana

Vimukt Vam Lochano Vivahkaalikadhoni: Shiveti Mantrabhushago Jagajjay Jaytam 15॥

Im hi nityameva muktamuktottam stavam pathansmaran bruvannaro vishuddhameti santtam.

Hare guru subktimashu yati nanyathagatim vimohanam hi dehanam sushankarsya chintanam 16॥

Pradoshe recited pujavasanasamye dashakritrgeetam ya shambhupujanparam.

Tasya stable Rathagajendraturangayuktam Lakshmi always Sumukhim Pradaati Shambhuh 17॥

Shiv Tandav Stotram Lyrics In Tamil

ஜாதவிகலஜல்ப்ரவபவிதாஸ்லே தொண்டை, வலம்பிளம்பிதான் புஜங்துங்கமாலிகம்.

தும்தம்த்மத்மன்னிநாத்வாத்மார்வ்யம் சாகர்சந்த்தாண்டவம் தனோது நஹ் ஷிவோ சிவம் 1॥

ஜாதகதஹ்தெலுஷன்டெலுஷன்நீலிம்பனிர்ஜாரி விலோலாவிச்சிவல்லி சாரஜமான்மூர்தானி.

தகத்கத்கட்கஜ்ஜவல்லல்லாத்பட்டபாவ்கே கிஷோர்சந்திரஷேக்ரே ரதிஹ் பிரதிக்ஷணம் மாம் 2॥

தாரதரேந்திரநந்தினி விலாஸ்பந்துபந்துபந்துஸ்புரதிகாந்தசந்தி பிரமோத் மன்மன்சே.

கிருபகடக்ஷதோரணிநிருததூர்தரபாடி க்வாச்சித்விகம்ப்ரே மனோவினோத்மேது வாஸ்தனி 3॥

ஜடபுஜங்க்பிங்கல் ஸ்ஃபுரத்பன்மணிபிரபா கடம்பகுன்கும்த்ரவ்ப்ரலிப்ததிக்வாதுமுகே.

மதந்தசிந்துர்ஸ்புரத்வாகுத்ரியமேதுரே மனோவிநோத்தபூதம் பிம்பார்துபுத்பார்த்ரி 4॥

சஹஸ்ரலோச்சன்பிரப்ரித்யா சேஷ்லேக் சேகர் பிரசூந்துளிதோரணி விதுசரங்க்ரிபீத்புஹ்.

புஜங்கராஜமாலயநிப்ட்ஜதஜூடகாh ஸ்ரீசிராயஜெயதம் சகோர்பந்துஷேகர்: 5॥

லலாச்சத்வர்ஜ்வாலின்ஜயஸ்ஃபுலிங்கபா நிபீதபஞ்சசயகன்மன்னிலிம்பநாயகம்.

சுதமயுக்லேகாய விராஜ்மணசேகரம் மஹாகபாலிசம்படே சிரோஜதாலமஸ்துனா 6॥

கரால்பால்பட்டிகாஅதிகத்கஜ்ஜ்வாலிஞ்சயா தரிகிர்த்பிரசந்தபஞ்சசாய்கே.

தாரதரேந்திரநந்தினிகுசக்ரசித்ரபத்ரகபிரகல்பானைக்ஷில்பினி த்ரிலோச்சநரதிர்மம் 7॥

நவீன்மேகமண்டலினிருத்ததூர்தாஸ்புர்த்குஹுநிஷித்நீதம் பிரப்தபந்தகாந்தராஹ்.

நிலிம்ப நிர்ஜரிதரஸ்தனோடு கிருதிசிந்துராஹ் கலநிதான்பந்துராஹ் ஸ்ரீயம் ஜகந்துரந்தராஹ் 8॥

பிரபுல்லானில்பங்கஜ்ப்ரபஞ்ச்கலிம்பிரபா முரண்பாடாக, ரர்ருச்சி பிரபந்தபந்தரம்.

ஸ்மரசிந்தம் புரச்சிந்த் பவச்சிந்தம் மகச்சிந்தம் கஜச்சிதந்தகச்சிந்தம் தமன்தக்சிந்தம் பஜே 9॥

அகர்வசர்வமங்களா கலகடம்பமஞ்சரி ராஸ்ப்ரவ மாதுரி விஜிரும்பனா மதுவ்ரதம்.

ஸ்மிரந்தகம் புரதகம் பவண்டகம் மகண்டகம் கஜந்த்கந்தகாந்தகம் தமந்தகாந்தம் பஜே 10॥

ஜயத்வதப்ராடெலிச்சுஅம்புத்புஜங்கம்ஸ்ஃபுர்தகத்வினிமத்காரால் பால் ஹவ்யவத்.

திமித்திமிதிமித்வான்மிருதங்துங்கமங்கள்த்வனிக்ரம்ப்ரதித: பிரசந்தா தாண்டவah சிவ: 11॥

த்ரிஷ்ட்விசித்ரத்லப்யோர்புஜங்கமouக்திகமஸ்ரஜோர்கரிஷ்ரத்நலோஷ்டியோ ஸுஹ்ரித்விபக்ஷபக்ஷோஹ்.

த்ரிநார்விந்த்சாக்ஷுஷோ ப்ரஜாமஹிமஹேந்திரயோ சம் பிரவர்தயன்மனஹ் சில நேரங்களில் சதாசிவ் பஜே 12॥

சில நேரங்களில் நிலிம்ப நிர்ஜாரி நிகுஞ்சகோதரே வாசன் விமுக்த்துர்மதிஹ் எப்போதும் ஷிரஸ்தமஞ்சலிம் வாகன்.

விமுக்த்லோல்லோச்னோ லாலம்பல்லாக்னக்: ஷிவேதி மந்திரமுச்சரன் கட ஸுகி பாவமயம் 13॥

நீலிம்ப நாதநகரி கடம்ப மulaலமாலிகா-நிகும்ப்நிர்பக்ஷரணம் துஷ்ணிகாமனோகரா.

தனோது நோ மனோமுதம் வினோதினிமஹனிஷம் பரிஷ்ரய பரம் பதம் ததாங்ஜத்விஷன் சாயா 14॥

ப்ரசந்த வடவனல் ப்ரபாஷுப்பிரசாரணி மகாஷ்டசித்திகாமினி ஜனவஹூத் ஜல்பனா

விமுக்த் வம் லோச்சனோ விவாகாலிகதோனி: ஷிவேதி மந்திரபுஷகோ ஜகஜ்ஜய் ஜெய்தம் 15॥

ஐம் ஹி நித்யமேவ முக்தமுக்தோட்டம் ஸ்தவம் பதன்ஸ்மரன் ப்ருவண்ணரோ விஷுதமேதி சந்தம்.

ஹரே குரு உபக்திமாஷு யதி நாந்யதகதிம் விமோஹனம் ஹி தேஹனம் சுஷங்கர்ஸ்ய சிந்தனம் 16॥

பிரதோஷே பூஜவாசநாசம்யே தஷகிருத்ரகீதம் யா ஷம்பூபூஜன்பரம் ஓதினார்.

தஸ்ய நிலையான ரதகஜேந்திரதுரங்கயுக்தம் லக்ஷ்மி எப்போதும் ஸுமுகிம் ப்ரதாதி ஷம்பு 17॥

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प्रिय पाठको हम आशा करते हैं कि आपको शिव तांडव स्त्रोतम अपनी भाषा में अत्यधिक पसंद आया होगा भगवान शिव सबकी मनोकामना पूरी करें और आप भी भगवान शिव की आराधना में रावण रचित शिव तांडव स्त्रोत का पाठ कर सकते हैं इसके नियमित पाठ करने से भगवान शिव सब की मनोकामना पूरी करते हैं अगर आप इसे अपनी किसी और भाषा में चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं

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